Manufacturing Business स्टार्ट करने की step by step जानकारी

कोई भी मैन्युफैक्चरिंग business स्टार्ट करने के लिए जरूरी है एक idea, एक ऐसा idea जो आपको सफलता की ऊंचाइयो तक ले जा सकता हो जिस idea को मूर्त रूप में लाने के लिए आप ब्याकुल हो चुके हो क्योंकि किसी भी सफल business की शुरुवात एक अच्छे idea से ही होती है जिसके आधार पर आप दुनिया में अपने प्रोडक्ट को sale करना चाहते हो, अतः सबसे पहले आपके पास एक idea होना चाहिए जिसके आधार पर आपका प्लान बिलकुल क्लियर हो की आप किस चीज़ का business करना चाहते है और आप क्या manufacturing करना चाहते है उस product के सम्बन्ध में आधारभूत जानकारी आपके पास होनी चाहिए जैसे:

  • आपके प्रोडक्ट का मार्केट में डिमांड कितना है
  • इस प्रोडक्ट का कास्टिंग और बाज़ार मूल्य कितना है
  • प्रोडक्ट को बनाने की प्रक्रिया क्या है
  • इसके लिए प्रयोग किया जाने वाला कच्चे माल की उपलब्धता
  • बाज़ार में इससे सम्बंधित अन्य निर्माता एवं प्रतिस्प्रद्धा का सही आंकलन
  • जबकि आप अपना business idea एवं तैयार किया जाने वाला प्रोडक्ट तय कर चुके है तो फिर आपको अपने business का स्वरुप के सम्बन्ध में ये निर्णय लेना है की आप sole proprietorship/ one Person Company/ Partnership/Limited Liability Partnership/ Pvt Ltd Co./Public Limited Co में से किस स्वरुप में अपना business स्टार्ट करना चाहते है जो स्वरुप आपके लिए उचित हो उसके लिए जरुरी पंजीकरण करवाए.
  • location तय करे जहाँ आप अपना फैक्ट्री लगा सकते हो, इसके लिए आपको जमीन की आवश्यकता होगी जो आपकी खुद की हो सकती है, जिसे आप लीज़ पर ले सकते है या जिसे आप फैक्ट्री लगाने के लिए खरीद सकते है, ध्यान रखे जहाँ आप अपना फैक्ट्री लगाना चाहते है वहां आपको
  • फैक्ट्री स्थापित करने के लिए पर्याप्त जमीन मिल सके
  • मजदूर आसानी से और अपेक्षाकृत कम लागत पर मिल सके
  • बिजली और पानी की उचित व्यवस्था हो
  • कच्चा माल लाने और तैयार माल को बाज़ार तक आसानी से और कम से कम परिवहन लागत पर पहुँचाया जा सके
  • स्थानीय माहौल अपेक्षाकृत शांतिमय हो जिससे की फैक्ट्री के संचालन में कोई रुकावट ना आये और सभी सामान, मशीन एवं कर्मचारी सुरक्षित रहे

सामान्यतः हर राज्य सरकार के द्वारा उद्योगों के विकाश के लिए कई जिलो में औद्योगिक क्षेत्र (Industrial area) बनाये जाते है जिन क्षेत्रो में उद्योग की स्थापना और इसके सफल संचालन के लिए जरुरी सभी आधारभूत सुविधाओ को ध्यान में रखा जाता है और लम्बी अवधि के पट्टे पर अनुबंध के तहत उद्योग लगाने वालो को दिया जाता है साथ ही इन क्षेत्रो में फैक्ट्री लगाने के लिए बिजली, पानी का कनेक्शन हो या municipality एवं pollution control board द्वारा दिया जाने वाला अप्रूवल हो अपेक्षाकृत ज्यादा आसानी से मिल सकता है अर्थात किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री लगाना सही निर्णय साबित हो सकता है

  • Market Research : अपना business area भी तय करे जहाँ-जहाँ आप अपने प्रोडक्ट्स को बेच सकते है अर्थात आपके प्रोडक्ट के लिए उपलब्ध बाज़ार को समझे और वहां अपने प्रोडक्ट से सम्बंधित कुछ जरुरी मार्केट रिसर्च कर ले जैसे:
  • आपके प्रोडक्ट का अनुमानित sale कितना होगा
  • अपनी market strategy तय करे
  • अपने customer तक पहुँचने के लिए जरुरी कदम तय करे
  • प्रतिस्प्रद्धा और बेहतर क्वालिटी को ध्यान में रखते हुवे sale price तय करे
  • इस बात का भी विश्लेषण अवश्य कर ले कि बाज़ार में कितने दिनों के लिए आपका पैसा फसेगा अर्थात आपके द्वारा जो प्रोडक्ट इन मार्केट में बेचा जाना है वो अन्य सप्लायर के द्वारा नकद या उधार में बेचा जा रहा है यदि उधार में बिक रहा है तो औसतन कितने दिनों के बाद आपको पैसा मिल सकता है साथ ही कोशिश कीजिये ये जानने का की सामान्यतः कितना प्रतिशत उधार में दिया जाने वाला पैसा डूब जाता है जिससे की आप अपने business में होने वाले अनुमानित लाभ और जरुरी पूंजी का सही प्रकार से आंकलन कर सके
  • सभी प्रकार के खर्चो के आधार पर अपने लागत का सही आंकलन करे
  • उपर्युक्त सभी जानकारी के आधार पर अपना अनुमानित लाभ एवं लाभ का प्रतिशत क्या होगा इसकी गनना करे
  • Plant & Machinery Suppliers से मिले: उन suppliers की एक लिस्ट तैयार करे जो आपके प्रोडक्ट को बनाने के लिए जरुरी machinery बनाते है और फिर एक एक करके उनमे से कुछ प्रमुख supplier से मिलकर machine से सम्बंधित सभी बातो को जाने जैसे:
  • supplier के द्वारा बनाये जाने वाले विभिन्न प्रकार के manual/semi automatic/fully automatic machines
  • इन मशीनों को चलाने के लिए कितनी बिजली की आवश्यकता होगी
  • इन मशीनों को चलाने के लिए कितने मजदूरों की आवश्यकता होगी
  • इन मशीनों के द्वारा प्रतिदिन कितनी संख्या में तैयार माल बनाया जा सकता है
  • मशीन की life कितने वर्षो की होगी
  • मशीन का ऑपरेटिंग कास्ट क्या होगा

प्रत्येक मशीन की कीमत,मशीन की life और इसके ऑपरेटिंग कास्ट के साथ इसके द्वारा प्रतिदिन तैयार किये जाने वाले माल की संख्या के आधार पर आप ये तय कर सकते है की आपके लिए कौन सा मशीन सबसे अच्छा हो सकता है, यदि मशीन की कीमत अपेक्षाकृत ज्यादा है तो आप अन्य देशो में भी इसकी कीमत और तकनीक के सम्बन्ध में जानकारी हासील करे (वर्तमान में इन्टरनेट के माध्यम से देश और विदेशो के suppliers के बारे में आसानी से जानकारी इकठ्ठा करके उनसे बात किया जा सकता है )

मशीन का चुनाव करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखे की ये लेटेस्ट तकनीक पर आधारित हो जिससे की इसके द्वारा बनायीं जाने वाली प्रोडक्ट की लगत कम हो और जल्द ही आपको नयी तकनीक आने की वजह से मशीन को बदलने की जरुरत न पड़े

जब आप suppliers से मशीन के सम्बन्ध में मिलने के लिए जाय तो उनकी मशीन के द्वारा कच्चे माल से तैयार माल बनाने की प्रक्रिया को भी अच्छी तरह से समझने की कोशिश करे, साथ ही साथ इस प्रक्रिया के हर स्टेज पर लगने वाले लगत को बारीकी से समझ ले जिससे आप अपेक्षाकृत बेहतर अनुमानित लाभ-हानि का आंकलन कर सकेंगे, आप जिस प्रोडक्ट को बनाना चाहते है उसके लिए जरूरी मशीन के suppliers के पास आपके प्रोडक्ट से सम्बंधित सभी जानकारिय होती है जैसे की उसका बाज़ार डिमांड, बाज़ार में उपलब्ध प्रतिस्प्रद्धा, manufacturing प्रोसेस, कास्ट price और competitive मार्केट में मिलने वाला sale price, तकनिकी जानकारी , कच्चे माल के suppliers, अच्छी क्वालिटी और कम कीमत पर कच्चे माल की उपलब्धता, बैंक से आपके प्रोजेक्ट फाइनेंस करवाने की प्रक्रिया इत्यादि इन सभी बातो का मशीन के suppliers के पास अच्छी जानकारी होती है इस कारण कम से कम 4-5 supplier से मिले और आपके लिए जरुरी सभी बातो को अच्छी तरह से समझकर नोट कर ले इससे आपको अपने द्वारा स्टार्ट किये जाने वाले business की समझ अपेक्षाकृत और ज्यादा बढ़ जाएगी और आप हर जगह सही निर्णय ले सकेंगे. यदि आप चाहे तो उनके द्वारा पूर्व में स्थापित अन्य customers के पास चलती हुई मशीन को भी जाकर देख सकते है जिससे की आपको उनकी मशीन और इसके द्वारा तैयार किये जाने वाले प्रोडक्ट्स की क्वालिटी का सही सही जानकारी हो सके

supplier से मशीन के कीमत का QUOTATION प्राप्त करे जो की आपके प्रोजेक्ट फाइनेंस के लिए जरुरी होगा

  • Raw Material: शुरू के समय में आपको कितने raw material की जरुरत होगी इसका सही सही आंकलन करे जिससे की आपका प्रोडक्शन raw material की कमी के कारण बंद न हो और जरूरत से ज्यादा raw material का स्टॉक में पैसा भी न फंसा रहे साथ ही आप कुछ raw material supplier से भी मिले और सप्लाई से सम्बंधित सभी बातो को समझ ले, जैसे की
  • Raw material का लागत
  • Raw material मिलने में लगने वाला समय
  • भुगतान की शर्ते

बहोत हद तक Raw Material की उपलब्धता और इसकी लागत पर ही आपके business की सफलता और असफलता निर्भर करेगी, इसलिए जरुरी raw material आपके फैक्ट्री location से नजदीक के शहरो में कहाँ कहाँ और किस कास्ट पर कितनी मात्रा में उपलब्ध है इस बात का सही सही विश्लेषण अनिवार्य रूप से कर ले.

  • सिविल वर्क : अब जबकि आप यह तय कर चुके है की आपको फैक्ट्री कहाँ लगानी है, कच्चे माल, तैयार माल, प्लांट एवं मशीन के लिए कितनी जगह की जरुरत होगी और इन मशीनों को किस तरह से स्थापित किया जाना है, फिर आप किसी सिविल इंजिनियर से मिलकर अपने फैक्ट्री का लेआउट तैयार करे और फैक्ट्री कंस्ट्रक्शन में लगने वाली समय सीमा और आने वाली लागत का सही आंकलन करके एक कास्ट एस्टीमेट तैयार करवा ले जो आपके प्रोजेक्ट फाइनेंस के लिए भी जरुरी है
  • कर्मचारी: आपको अलग अलग कार्यो के लिए कितने कर्मचारियो की आवश्यकता होगी, जिसमे आपको स्किल्ड,अन-स्किल्ड लेबर, सुपरवाइजर, अकाउंटेंट, सेल्समेन इत्यादि के लिए कितनी संख्या में कर्मचारी रखने होंगे एवं उनको प्रत्येक माह/वर्ष दिया जाने वाला salary की गनना करे
  • पूँजी :बिज़नेस स्टार्ट करने के लिए सबसे जरुरी कार्य पूंजी की व्यवस्था करना होता है, इसलिए अब जबकि आप सभी जानकारी इकठ्ठा कर चुके है आपको अपने बिज़नेस को स्टार्ट करने और इसे सफलता पूर्वक चलाने के लिए कब कब किस कार्य के लिए कितने पैसो की जरुरत होगी इसकी कैलकुलेशन करना अनिवार्य है. Normally हमें दो अलग अलग तरह के फण्ड की जरुरत होती है
  • स्थायी संपत्ति के लिए जिसमे जमीन, फैक्ट्री निर्माण,मशीन की लागत और फर्नीचर के कास्ट को शामिल किया जाता है
  • कार्यशील पूंजी के लिए जिसमे कच्चे माल, कर्मचारी और पॉवर की व्यवस्था के लिए भुगतान की जाने वाली राशि को शामिल किया जाता है

अतः आपको कुल कितनी पूंजी की आवश्यकता है और इसकी व्यवस्था आप किस प्रकार से करेंगे यह तय करे

आपके idea के आधार पर बिज़नस प्लान में आपने अबतक तय किया :

  • आपका प्रोडक्ट क्या होगा और इसके निर्माण की प्रक्रिया,तकनिकी जानकारिय, मार्केट डिमांड, विक्रय मूल्य, लागत मूल्य, अनुमानित लाभ का सही आंकलन
  • आपके बिज़नेस का स्वरुप क्या होगा (sole, Partneship या Company)
  • आप अपनी फैक्ट्री के लिए जमीन कहाँ और कितना लेना है
  • जमीन आपकी खुद की होगी, आप लीज पर लेंगे अथवा खरीदेंगे
  • जमीन की लागत क्या आएगी
  • फैक्ट्री निर्माण का लेआउट, निर्माण में लगने वाला समय और लागत क्या होगा
  • फैक्ट्री के लिए जरुरी मशीन आप कहाँ से खरीदेंगे एवं उसका लागत क्या होगा
  • आपको कितने raw material की जरुरत होगी और ये आप किनसे खरीदेंगे
  • जरुरी raw material के लिए आपको कितने पैसो की आवश्यकता होगी
  • आपको अपने बिज़नेस के लिए कुल कितने कर्मचारियो की जरूरत होगी
  • कर्मचारियो को हर माह/वर्ष salary भुगतान के लिए कितने पैसो की जरूरत होगी
  • आपके अपने प्रोडक्ट को कहाँ कहाँ और कैसे बेचेंगे
  • प्रत्येक माह/ वर्ष का अनुमानित sale क्या होगा
  • आपको कितनी पूंजी की आवश्यकता है, इसकी व्यवस्था आप किस तरह से करेंगे

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