मैनुफैक्चरिंग यूनिट के लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन और NOC

मैनुफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए आपको जरूरत है;
– जमीन:जहाँ आप अपना फैक्ट्री लगा सके, जमीन आपका खुद का नही है तो फिर आप खरीद सकते है या फिर काम से कम 3 शाल के लिए लीज पर ले सकते है, राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्र में भी आप उद्योग लगाने के लिए जमीन लीज पर ले सकते है।
– फिर इसमें आपको अपने यूनिट के लिए जरूरी मशीन के सप्लायर के द्वारा बताए गए निर्देश के अनुसार सिविल कंस्ट्रक्शन करवाना है जिसके लिए सिविल इंजीनियर से आप सिविल डिज़ाइन और कॉस्ट एस्टीमेट तैयार करवाये।
– 5-7 मशीन सप्लायर से मिलकर जरूरी मशीन का सिलेक्शन करे और साथ ही मशीन का quotation भी जरूर ले लीजिए। मशीन के सप्लायर से आपको जरूरी पॉवर और मैन्यूफैक्चरिंग प्रॉसेस का पूरा टेक्निकल जानकारी के साथ साथ प्रोडक्ट को बनाने की कुल लागत और बाज़ार में डिमांड के संबंध में भी जानकारी मिलेगी, पहले से उनके द्वारा लगाई गई यूनिट में जाकर भी प्रैक्टिकल रूप से चालू यूनिट देखकर पूरा प्रोसेस को समझ सकते है।
– Raw Material के सप्लायर से मिलकर तय करे कि आपको जरूरी कच्चा माल का कॉस्ट क्या आएगा और पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल बाजार में हमेशा उपलब्ध है या नही, ऐसा न हो अधिक डिमांड के वक़्त आपको कच्चा माल न मिले और आप लिए गए आर्डर को इसके अभाव में पूरा न कर सके। बहुत से यूनिट सिर्फ कच्चे माल के अभाव में या उच्च लागत के कारण बंद हो जाता है, इस कारण आपको कच्चे माल की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता के साथ साथ उसके लागत का सही विश्लेषण आपकी सफलता को तय करेगा। कच्चे माल का quotation भी जरूर ले लीजिए।

अब आप अपने यूनिट के लिए Total Investment=Land+Civil Construrtion+Plant & Machine+Raw Material & employee Salary for one cycle period) कैलकुलेट कीजिये, जिससे आपको पता चलेगा कि आपको आखिर कितने पैसो की जरूरत है अपने यूनिट को मूर्त रूप देने में।
Total Project Cost का आपको 25-30% पैसा खुद का लगाना है जो कि आप अपने फैमिली या फ्रेंड्स से ले सकते है या फिर पार्ट्नर को शामिल कर सकते है जो इन्वेस्टमेंट कर सके या फिर आप venture capital firm से भी अपने प्रोजेक्ट में equity investment के लिए संपर्क कर सकते है।
70-75% के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर बैंक लोन के लिए अप्लाई कर सकते है।

Registration & NOC;
– उद्योग आधार MSME (udyogaadhaar.gov.in)
– GST (https://www.gst.gov.in)
– बैंक एकाउंट
– Trade लाइसेंस ( Local Muncipal कारपोरेशन)
– Pollution NOC (State pollution Board)
-Power Connection(State Electricity Board)
– Factory Registration (Labour Commissioner office)
– FSSAI For food products(fssai.gov.in)
– Company Registration (mca.gov.in)

State Govt के single window e-portal पर जाकर किसी भी यूनिट के लिए जरूरी सभी Registration & NOC के लिए CAF(Combined application form) के द्वारा भी अप्लाई किया जा सकता है जो कि काफी आसान है।

डाक्यूमेंट्स जो बैंक लोन के लिए जरूरी है;
– डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट
– जमीन का पेपर या लीज़ एग्रीमेंट
– मशीन का quotation और सप्लायर डिटेल
– Raw मटेरियल का quotation और सप्लायर डिटेल
-I.Tax Return तीन साल का(यदि है)
-आधार नंबर & पैन नंबर
– NOC फ्रॉम पॉल्युशन बोर्ड या एप्लाइड कॉपी
– एप्लाइड कॉपी फ़ॉर पॉवर कनेक्शन
– गारंटर और कोलैटरल सिक्योरिटी का डिटेल
बैंक लोन आप बैंक में जाकर या बैंक के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है।
25 लाख तक का प्रोजेक्ट के लिए PMEGP के पोर्टल पर https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal अप्लाई किया जा सकता है।
इसके अलावा https://www.standupmitra.in के पोर्टल पर भी आप 10 लाख से 1 करोड़ तक के प्रोजेक्ट के लिए भी लोन अप्लाई कर सकते है जिसमे न्यूनतम 51% हिस्सा सामान्य महिला/अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी का होना अनिवार्य है।

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